एक नज़र कबीर साहेब पर
कबीर साहेब को अधिकांश लोग 15वीं शताब्दी के एक बेहतरीन कवि की तरह ही जानते हैं। लेकिन कबीर साहेब अनंत कोटि ब्रह्मांडो के स्वामी हैं और पूर्णब्रह्म हैं। कबीर साहेब वास्तविक अविनाशी स्थान सतलोक में रहते हैं। कबीर साहेब 3 तरह से शरीर धारण करते हैं जैसा कि ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 8 में बताया गया है। एक रूप में वे सतलोक में सिंहासन पर विराजमान हैं जैसा कि बाइबल के उत्पत्ति ग्रंथ में बताया गया है। दूसरे रूप में वे एक ज़िंदा महात्मा का रूप बनाकर अच्छी आत्माओं को मिलते हैं जैसा कि ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 86 मंत्र 26 में बताया गया है। इसी रूप में अल्लाहू कबीर गुरु नानक, हज़रत मोहम्मद, इराक़ में बलख शहर के सुल्तान इब्राहिम अधम से मिले। तीसरी स्थिति में कबीर साहेब चारों युग में एक बच्चे के रूप में अवतरित होते हैं जैसा कि ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 और ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में बताया गया है। इस रूप में वे सीधा सतलोक से सशरीर आते हैं अर्थात उनका जन्म माँ के शरीर से नहीं होता। संतरामपालजी महाराज ने कबीर साहेब की इस लीला को सर्व समाज को समझाया है।
ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 86 मन्त्र 26-27 , ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 82 मन्त्र 1-2 , ऋज्ञवेद मण्डल न. 9 सूक्त 20 मन्त्र 1 में कहा है कि अपने निज लोक से गति करता हुआ आता है सशरीर पृथ्वी पर आता है।भक्तो के संकटो का नाश करता है। उसका नाम कविर्देव अर्थात कबीर परमेश्वर है।
2.ऋगवेद मण्डल 9 सूक्त 96 मन्त्र 17 से 20 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) शिशु रूप धारण करके प्रकट होता है।
3.ऋगवेद मण्डल 9 सूक्त 1 मन्त्र 9 में कहा है कि जिस समय अमर पुरुष (सोम) जी शिशु रूप में पृथ्वी पर प्रकट होते है तो उनकी पोषण की लीला (व्यवस्था) कंवारी गायों द्वारा होती है।
4.ऋग्वेद मण्डल न. 8 सूक्त 43 मन्त्र 27 में लिखा है कि हे परमात्मा! आप मनुष्य सदृश सर्वांग युक्त साकार है।
कबीर साहेब परमात्मा हैं
देखिए प्रमाण यजुर्वेद से:-
1.कबीर साहेब पूर्ण परमात्मा है।
देखे प्रमाण
यजुर्वेद अध्याय 5 मन्त्र 32
2.परमात्मा सशरीर है।
देखे प्रमाण
1. यजुर्वेद अध्याय 1 मन्त्र 15
2. यजुर्वेद अध्याय 5 मन्त्र 1
3. यजुर्वेद अध्याय 5 मन्त्र 32
4. यजुर्वेद अध्याय 40 मन्त्र 8
3.परमात्मा तीन प्रकार के रूप में आते है इस पृथ्वी पर
यजुर्वेद अध्याय 9 के सूक्त 1मंत्र 8 ,9 में प्रमाण है।
4.यजुर्वेद अध्याय 40 मन्त्र 10 में लिखा है पूर्ण परमात्मा की जानकारी धिराणाम(तत्त्वदर्शी सन्त) देता है।
5. पूर्ण सन्त की पहचान
देखे प्रमाण
यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25,26
कबीर साहेब के द्वारा गीता का ज्ञान
अधिक जानकारी के लिए देखें
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Sat saheb ji bhagat ji muje कबीर जी बारे जानकारी चाहिए
ReplyDeleteइसमें लिखा हुआ है वह झूठ है वेदों में सोहम का उच्चारण हुआ है कवि का अर्थ कबीर नहीं होता कवि संस्कृति शब्द का और कबीर उर्दू भाषा है आप उर्दू को और संस्कृति को मिक्स कैसे करते हो
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